The Chief Minister said that in the first quarter of the year 2020-2021, there was a revenue loss of Rs. 1300 crores and economic expenditure increased by Rs. 737 crores. | प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा- वर्ष 2020-2021 की पहली तिमाही में 1300 करोड़ रुपए का राजस्व घाटा हुआ और आर्थिक खर्चा 737 करोड़ रुपए बढ़ा

Himachal Pradesh
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धर्मशाला17 मिनट पहले

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प्रदेश सीएम ने कहा कोरोेना महामारी में आर्थिक घाटा हुआ। उन्होंने कहा केंद्र की मदद से फिर से पटरी पर लौट रही आर्थिक स्थिति। फोटो प्रेम सूद

  • 15 अगस्त के बाद मंदिरों को खोलने का फैसला हालात को देखकर किया जाएगा

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि कोविड-19 के प्रकोप के बीच प्रदेश की आर्थिकता को हज़ारों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-2021 के बजट प्रस्तुत करने के बाद पहले तिमाही के आंकड़ों में प्रदेश को 1300 करोड़ रुपए का राजस्व घाटा हुआ है। इसके अतिरिक्त सरकार का आर्थिक खर्चा इस दौरान 737 करोड़ रुपए बढ़ा है। ऐसी परिस्थिति में केंद्र सरकार द्वारा 950 करोड़ रुपए का पैकेज जारी रखा है। जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति पुनः पटरी पर लौट रही है। अनलॉक- 3 के दौरान निगरानी सिस्टम को भी मजबूत किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शनिवार को धर्मशाला में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में बोल रहे थे।

सीएम ने बोला आर्थिकता पर प्रभाव पड़ा

मुख्यमंत्री ने कहा भले ही गुजरे कुछ समय में हालात खराब भी हुए और प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था पर भी इसका प्रभाव पड़ा़ है। लेकिन केंद्र सरकार की मदद से सरकार ने हालातों पर काबू पाया और आर्थिक के सुधार को लेकर कई कदम भी उठाए। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर देखा जाए तो प्रदेश में निजी क्षेत्र में कार्यरत हर व्यक्ति को नुकसान हुआ है। लेकिन बावजूद इसके व्यवस्था को सुधारा गया और सबसे बड़ी बात यह भी रही कि सरकारी क्षेत्र में किसी के वेतन में कटौती नहीं की गई और यहां तक कि पेंशनधारकों को भी उनकी पेंशन दी गई।

15 अगस्त के बाद होगा मंदिर खोलने का फैसला

प्रदेश में मंदिरों को खोलने का फैसला हालातों को देखकर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त के बाद सरकार प्रदेश के हालातों की समीक्षा करेगी और उसक बाद ही मंदिरों को खोलने को लेकर कोई निर्णय भी होगा।

विपक्ष केवल राजनीति करने पर उतारू

महामारी का यह समय हर किसी के लिए संकट कोरोना महामारी का यह समय हर किसी के लिए संकट से कम नहीं है। लेकिन व्यवहारिकता से दूर विपक्ष इस समय भी बेवजह की राजनीति पर उतारू है। फिर भी विपक्ष शोर शराबा मचा रहा है। जरूरत इस बात की है कि वह लोग भी इस समय की परिस्थितियों को समझें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर 30 हजार करोड़ रुपए का नुकसान भी सरकार को हुआ है। बावजूद इसके सरकार के कदम विकास की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा जो पैसा अभी तक विभिन्न विभागों के तहत खर्च नहीं हो पाया है अब उस 12 हजार करोड़ रुपए की राशि को विकास कार्यों में खर्च किए जाने को लेकर दिशा निर्देश भी दिए गए हैं।

राजनीतिक रूप में सबसे बड़ा जिला

राजनीतिक रूप से बड़ा यह जिला धर्मशाला को दूसरी राजधानी के दर्जे के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा राजनीतिक रूप से जिला कांगड़ा प्रदेश का सबसे बड़ा जिला है। राजनीति ही नहीं बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी जिला मुख्यालय धर्मशाला की अपनी एक अलग अहमियत है। जिसे नकारा नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा सरकार की रिवायत के अनुसार इस बार यहां का शीतकालीन प्रवास पूरा नहीं हो पाया था, इसलिए अब सरकार मानसून प्रवास पर जिला में है।

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