INSO has opened a front against the government, the new order should be withdrawn immediately, otherwise the representatives of the government will not be allowed to enter the university. | ​​​​​​​ इनसो ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, नया आदेश तुरंत वापस हो, अन्यथा सरकार के प्रतिनिधियों को विवि में घुसने नहीं देंगे

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राेहतक8 घंटे पहले

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प्रेसवार्ता करते इनसाे राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देशवाल। - Dainik Bhaskar

प्रेसवार्ता करते इनसाे राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देशवाल।

विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के मुद्दे पर छात्र संगठन इनसो ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदेशभर में आंदोलन छेड़ दिया है। मंगलवार को इनसो पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने जहां कई जिलों में पुतला फूंकते हुए राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को लेकर जारी नए आदेश को वापस लेने की मांग की।

रोहतक में इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार तुरंत अपने नए आदेश को वापस लें, अन्यथा राज्य सरकार के प्रतिनिधियों को किसी विश्वविद्यालय में घुसने नहीं दिया जाएगा। साथ ही देशवाल ने हरियाणा उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. बीके कुठियाला और एमडीयू वीसी प्राे. राजबीर सिंह पर भी कई गंभीर आरोप लगाए और मामले में सरकार से कार्रवाई की मांग की।

एमडीयू वीसी के शैक्षणिक रिकार्ड पर उठाए सवाल

इनसो राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप ने दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि एमडीयू कुलपति राजबीर सिंह ने जिस विषय में पीएचडी कर रखी है उस विषय में उन्होंने मास्टर डिग्री ही नहीं कर रखी। उन्होंने बताया कि राजबीर सिंह ने सन 1999 में एजुकेशन में पीएचडी कर रखी है जबकि वे इस पीएचडी के आधार पर पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में प्रोफेसर की नौकरी हासिल कर रखी है।

उन्होंने बताया कि प्रो. कुठियाला को हरियाणा सरकार ने उच्च शिक्षा परिषद अध्यक्ष बना रखा है, जबकि पुलिस रिकार्ड के अनुसार पीओ (भगोड़ा) घोषित हो चुके हैं। उन पर भ्रष्टाचार, जालसाज़ी से लेकर फर्जी भर्ती करने तक के आरोप में केस दर्ज हैं। देशवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ऐसे लोगों का बचाव करने की बजाय उन पर कार्रवाई करें और स्वायत्तता के मुद्दे पर अपना तुगलकी फ़रमान वापिस लें।

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