During Chhath Puja, related files of fake bill scam missing from the department, Divisional Commissioner constituted a committee to find out | छठ पूजा के दौरान फर्जी बिल घोटाले की संबंधित फाइलें विभाग से गायब, मंडलायुक्त ने खोजने के लिए कमेटी गठित की

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नई दिल्ली2 घंटे पहले

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वर्ष 2018-2019 के दौरान छठ पूजा के लिए छठ घाटों में किए गए सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे सहित अन्य कार्यों के बिना काम किए 12 करोड़ रुपए के भुगतान से संबधित फाइलें राजस्व विभाग के कार्यालय से गायब हो गई है। पर इस मामले में हैरत की बात यह है कि जांच अधिकारी ने राजस्व विभाग के कार्यालय से 12 करोड़ रुपए भ्रष्टाचार की फाइल गायब होने के 15 दिनों के बाद भी पुलिस को कोई एफआईआर नहीं करवाई है।

जबकि नियम के अनुसार आवश्यक है कि कोई भी फाइल विभाग से गायब होने पर इसकी सूचना विभागाध्यक्ष को दी जाए और फाइल नही ट्रेस होने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाना आवश्यक है।

जांच सिर्फ एक खानापूर्ति
बता दें कि 31 अक्टूबर 2021 को ‘छठ पूजा के इंतजाम में गड़बड़ी डिविजनल एसडीएम को सौंपी जांच, फर्जी बिलों पर राजस्व विभाग ने ठेकेदार को किया 12 करोड़ रुपए का भुगतान ’शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था। व्हिसल ब्लोअर के अनुसार फर्जी बिल घोटाले के उजागर करने के बाद एसडीएम आरआर सिंह ने जब इस मामले की जांच शुरू की तो जांच में पाया गया कि संबधित फाइलें विभाग से गायब हैं और जान बूझ कर सबूतों को नष्ट किया गया है।
लेकिन जांच अधिकारी आरएन सिंह ने इस भ्रष्टाचार की दी गई शिकायत में दर्ज किसी भी अफसर, कर्मचारी अथवा डीलर को बसे पूछताछ करना जरूरी नहीं समझा और खानापूर्ति करते हुए अपनी रिपोर्ट मंडलायुक्त को पेश कर दी है। बताया जा रहा है कि जांच अधिकारी ने इसमें कहा है कि जिसमें कहा है संबंधित फाइल नहीं मिलने के कारण कारण जांच नहीं की जा रही है।

विभाग अनियमितताओं को छुपाने की कोशिश कर रहा है
लगता है कि विभाग के रवैया से ऐसा प्रतीत होता है के विभाग इससे भी कई ज्यादा हुई अनियमितताओं को छुपाने की कोशिश कर रहा है। दिल्ली सरकार द्वारा धार्मिक समारोह के दौरान प्रदान की गई सुविधाओं में बहुत ज्यादा स्तर हेराफेरी और गड़बड़ी की आशंका का अनुमान है। केजरीवाल सरकार के कार्यकाल में विभागों में घोटालों को नजरंदाज करने से उनके भ्रष्टाचार उन्मूलन अजेंडा पर भी सवालिया निशान खड़ा रहा है।

मैं मामले की जांच किया हूं,फाइल खो गई या इसकी जानकारी विभाग को दे चुका हूं,आपको बताने के लिए बाध्य नहीं हूं।
-आरआर सिंह, एसडीएम (एचक्यू)

मैं विजय गोयल नहीं हूं, मैं कॉन्ट्रेक्टर का काम नहीं करता हूं। मैं बीमार हूं अधिक बात नहीं कर सकता। हमारे पास इस मामले किसी जांच अधिकारी का फोन नहीं आया।
-विजय गोयल, कॉन्ट्रेक्टर

मैं मामूली क्लर्क हूं , मेरे पास शाइनिंग अथॉर्टी नहीं है, इस 12 करोड़ रुपए केस से मेरा कोई लेना देना नहीं है। हमारे पास इस मामले किसी जांच अधिकारी का फोन नहीं आया।
-मुरली मनोहर

इस मामले की जांच जिस अधिकारी को दी गई थी, उन्हें यह फाईल नहीं मिली। फाइल के तलाश के लिए अधिकारियों की कमेटी गठित कर दी गई है।
संजीव खैरवार, मंडलायुक्त दिल्ली

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