The chief reached on the dharna being given by the employees of Vaish Technical Institute | वैश्य तकनीकी संस्थान के कर्मचारियों के दिए जा रहे धरने पर पहुंचे प्रधान

Haryana
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राेहतक2 घंटे पहले

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एडहॉक कमेटी के प्रधान और कोषाध्यक्ष ने संस्थान के धरने पर आकर कर्मचारियों से बातचीत की - Dainik Bhaskar

एडहॉक कमेटी के प्रधान और कोषाध्यक्ष ने संस्थान के धरने पर आकर कर्मचारियों से बातचीत की

वैश्य तकनीकी संस्थान के कर्मचारियों का बुधवार को सातवें दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। स्टाफ सदस्य सैलरी न मिलने के मामले में सुबह 9 बजे से संस्थान के मुख्य द्वार पर प्रतिदिन की तरह धरने पर बैठे हैं। एडहॉक कमेटी के प्रधान विकास गोयल और कोषाध्यक्ष पवन मित्तल ने संस्थान के कर्मचारियों के धरने पर आकर कर्मचारियों से बात की और उन्हें बताया कि बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते खाते को खोला नहीं जा रहा है।

बैंक को बंद करने का ऐसा कोई औचित्य नहीं होना चाहिए। चूंकि इस बैंक खाते में तीन सदस्य हस्ताक्षर करते हैं, लेकिन अन्य चौथे व्यक्ति के कहने पर बैंक के अधिकारियों ने खाते को बंद कर दिया, जिसका कोई मतलब नहीं है। जबकि गवर्निंग बाॅडी में इसे बहुमत से पास भी किया गया है।

प्रिंसिपल ने भी रखा अपना पक्ष: वीटीआई प्रिंसिपल ने बताया कि पदाधिकारी की शिकायत पर खाता बंद किया है। विकल्प के तौर पर स्टेट प्लान में सैलरी मांग रहे हैं। खाता ही खुलना चाहिए। प्रधान, महासचिव और डीजीटीई को पत्र लिखा था। नई मैनेजमेंट ने पिछला 5 फीसदी का बैकलॉग क्लीयर किया और एरियर भी क्लीयर करवाया था। पहली बार 6 करोड़ की ग्रांट वीटीआई को मिली। अब 5 % शेयर ना आने से सरकार से अगली ग्रांट नहीं मिल पा रही है।

कार्यकाल की जांच कराए सरकार : गर्ग
^प्रिंसिपल ने जब डीजी तकनीकी शिक्षा को लिखकर दे दिया कि स्टेट प्लान अकाउंट में सैलरी दी जाए। चेक दे दिया है। कर्मचारी प्रधान पवन गर्ग ने भी यही डिमांड की है। संस्था प्रधान साइन कर दें। प्रधान स्टाफ को गुमराह कर रहे हैं। सरकार कह चुकी है कि इनके कार्यकाल की जांच करवाई जाए।
– डॉ. चंद्र गर्ग, महासचिव, एडहॉक कमेटी।

संस्था को कर रहे बदनाम : गोयल
^जो लोग खाते को फर्जी बता रहे हैं, उन्होंने ही तीन साल उसे ऑपरेट किया है। कुछ पदाधिकारी अपनी महत्वाकांक्षा के लिए टोहाना की पॉलिटेक्निक और स्कूल चलाना चाहता है, इसलिए संस्था को बदनाम कर रहे हैं।
– विकास गोयल, प्रधान, एडहॉक कमेटी।

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