Became secretary, a draft of 55 lakhs was taken from the company of Hyderabad, got the cash opened for FCI account | सेक्रेटरी बन हैदराबाद की कंपनी से लिया 55 लाख का ड्राफ्ट, एफसीआई का जाली खाता खुलवा कराया कैश

Haryana
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सिरसा34 मिनट पहले

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  • ठगी 22 सितंबर को भंबूर के गोदामों में कंपनी के अधिकारियों काे कराया था निरीक्षण, अब 3 पर केस

शहर के बी ब्लॉक निवासी एक व्यक्ति ने अपनी जालसाजी के जरिए गेहूं खरीद का कारोबार करने वाली हैदराबाद की फर्म को ऐसे अपने जाल में फंसाया कि उन्हें जब तक समझ में आता तब तक उनके साथ 55 लाख रुपये की ठगी हो चुकी थी। बी ब्लॉक निवासी आहुजा नामक शख्स ने गेहूं खरीदने आई हैदराबाद की कंपनी के अधिकारियों के समक्ष 2 लोगों को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के फर्जी अधिकारी बनाकर खड़ा कर दिया।

उन्हें एफसीआई का फर्जी डीजीएम और सेक्रेटरी बताया। इतना ही नहीं उन्हें ठगी करने के लिए इन शातिर लोगों ने शहर केे बरनाला रोड स्थित आंध्रा बैंक में एफसीआई मैनेजर के नाम जाली खाता भी खुलवाया और उसमें कंपनी की ओर से दिया गया 55 लाख रुपये का ड्राफ्ट लगाकर कैश भी करवा लिया।

इस ठगी के बाद मामला आर्थिक अपराध शाखा के पास पहुंचा। आर्थिक अपराध शाखा के इंचार्ज की ओर से अपनी रिपोर्ट दाखिल करने के बाद सदर सिरसा पुलिस ने कौशल आहुजा व अमन व एफसीआई जनरल मैनेजर के नाम से खाताधारक के खिलाफ भादंसं की धारा 420, 406 के तहत मामला दर्ज किया है।

गेहूं खरीदने आई हैदराबाद की कंपनी के अधिकारियों को पहले विश्वास में लिया

मेरिलॉन ट्रेड्स कंस्लटिंग प्रा. लि. हैदराबाद के निदेशक पी. लक्ष्मीनरसिहमन की ओर से सदर सिरसा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी फर्म कृषि उत्पादों की ट्रेडिंग करती है। सितंबर-2021 में उन्होंने गेहूं खरीद का निर्णय लिया। विशाखापट्नम के चंद्रशेखर ने इस बारे में उन्हें कौशल आहुजा निवासी बी-ब्लाक सिरसा से परिचित करवाया।

बातचीत पर कौशल आहुजा ने उन्हें एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) से गेहूं की आपूर्ति करवाने का भरोसा दिलाया। उसकी ओर से कहा गया कि वे 55 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट तैयार रखें। शिकायत में बताया कि 22 सितंबर को वे दिल्ली पहुंचें और दिल्ली से उन्हें सिरसा लाया गया। सिरसा लाकर उन्हें गेहूं के स्टॉक का निरीक्षण भी करवाया गया।

इस दौरान कौशल आहुजा ने उन्हें दो लोगों से मिलवाया, जिसमें एक को एफसीआई का डीजीएम कांठीलाल पठार और दूसरे को डीजीएम का प्राइवेट सैक्रेटरी अमन बताया। उन्होंने एफसीआई जनरल मैनेजर के नाम बनाए 55 लाख रुपये का डीडी सौंप दिया। आरोपी की ओर से दो दिन में डिलीवरी आर्डर जारी करने की बात कहीं गई। लेकिन डिलीवरी आर्डर नहीं मिला।

उधर, जब बैंक में पता किया तो पता चला कि डीडी कैश करवाया जा चुका था। इस प्रकार हमारे साथ 55 लाख की ठगी हुई है । सदर थाना पुलिस ने कौशल आहुजा, अमन और रविंद्र नामक आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है । डीडी को बरनाला रोड स्थित आंध्रा बैंक की शाखा में एफसीआई जनरल मैनेजर के नाम से खुलवाए खाते में कैश करवाया गया। बैंक में खाता प्रोपराइटर फर्म बना दर्शाई है।

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