The accused told in the interrogation – the deal was done for 20-20 lakh rupees for recruitment; Now 4 employees of HSSC will also have questions and answers | आरोपियों ने पूछताछ में बताया- भर्ती के लिए 20-20 लाख में हुआ था सौदा; अब एचएसएससी के 4 कर्मचारियों से भी होंगे सवाल-जवाब

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चंडीगढ़/पंचकूला18 मिनट पहलेलेखक: मनोज कुमार/रवीश कुमार झा

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डिप्टी सेक्रेटरी अनिल नागर ने स्वीकार किया है कि उस पर एचपीएससी में बड़े पदों पर बैठे लोगों ने भी रिश्तेदारों को एडजस्ट करने का दबाव बनाया था। - Dainik Bhaskar

डिप्टी सेक्रेटरी अनिल नागर ने स्वीकार किया है कि उस पर एचपीएससी में बड़े पदों पर बैठे लोगों ने भी रिश्तेदारों को एडजस्ट करने का दबाव बनाया था।

हरियाणा में डेंटल सर्जन भर्ती में डिप्टी सेक्रेटरी और अन्य दो की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इनसे पूछताछ में पता चला है कि डेंटल और एचसीएस की भर्ती के लिए 20-20 लाख रु. में सौदा हुआ था। पैसों के लेन-देन के लिए कोड ‘मशीन’ रखा हुआ था। सूत्रों का कहना है कि डिप्टी सेक्रेटरी अनिल नागर ने स्वीकार किया है कि उस पर हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) में बड़े पदों पर बैठे लोगों ने भी रिश्तेदारों को एडजस्ट करने का दबाव बनाया था।

आरोपियों ने माना है कि रिजल्ट आने से पहले ही एचसीएस के लिए 1.29 करोड़ रु. लिए थे और डेंटल सर्जन भर्ती के लिए 2 करोड़ रु. से ज्यादा इकट्ठा कर लिया था। इनसे अब तक 3.60 करोड़ रुपए बरामद हुए हैं। यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने एचसीएस भर्ती के लिए 17 और डेंटल सर्जन के लिए 19 लोगों से संपर्क हुआ। एचसीएस के प्री-एग्जाम में 17 में से 5 को और डेंटल सर्जन में 19 में से 13 को पास करा दिया।

सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में नागर जल्दी से अपना मुहं नहीं खोल रहा है तो अश्विनी बार-बार बयान बदल रहा है। इस मामले की आंच भिवानी बोर्ड और हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एचएसएससी) तक पहुंच गई है। विजिलेंस ने एचएसएससी के भी 4-5 लोगों को पूछताछ के लिए बुला लिया है। भिवानी बोर्ड में नागर सचिव रह चुके हैं और इनकी मुलाकात वहां के एक दीक्षित नाम के अधिकारी के जरिए ही अश्विनी से हुई थी। अब दीक्षित से भी पूछताछ होगी।

एचसीएस समेत 12 प्रकार की भर्तियों पर ब्रेक
डेंटल सर्जन की परीक्षा में खाली ओएमआर शीट छोड़ने का खुलासा होने के बाद अब हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन और हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन ने अब भर्तियों पर ब्रेक लगा दिया है। एचपीएससी ने एचसीएस मेन एग्जाम के साथ 11 प्रकार की भर्तियों को लेकर आवेदन पत्र और दस्तावेज जमा कराने को लेकर जारी किया गया शेड्यूल रद्द कर दिया है। 11 कैटेगरी की जो भर्तियां अभी रोकी हैं।
उनमें एचएसआईआईडीसी में वरिष्ठ प्रबंधक (संपत्ति), उद्योग और वाणिज्य विभाग में उप निदेशक (परियोजनाएं), कृषि और किसान कल्याण विभाग में उप निदेशक कृषि और समकक्ष, सहायक सांख्यिकीविद, एचएसआईआईडीसी में प्रबंधक (उपयोगिता), उद्योग और वाणिज्य विभाग में उप निदेशक, (उद्योग और वाणिज्य विभाग) में प्रबंधक (संपत्ति), कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में सहायक कृषि अभियंता, हरियाणा बीज विकास निगम में सहायक अभियंता (कृषि), उप निदेशक (औद्योगिक संवर्धन) (ग्रुप-ए) उद्योग और वाणिज्य विभाग शामिल हैं। हालांकि, कमीशन ने इसके लिए प्रशासनिक कारण बताए हैं। इन भर्तियों को लेकर 22 से 26 नवंबर तक दस्तावेजों की जांच होनी थी।

मिलीभगत: अश्विनी ऐसे आया डिप्टी सेक्रेटरी नागर के संपर्क में
एचसीएस अनिल नागर भिवानी बोर्ड में सचिव के पद पर रहे हैं। वहीं पर अश्विनी का आना-जाना था। बोर्ड के पेपर में भी आंसर-की आदि का काम इसके पास था। इसलिए वहां के एक अधिकारी दीक्षित ने इन दोनों को मिलवाया। सूत्रों का कहना है कि विजिलेंस भिवानी बोर्ड के लीक पेपर के मामले की भी जांच करेगी। वहीं, विजिलेंस ने एचएसएससी के चार-पांच लोगों को पूछताछ के लिए बुला लिया है। सूत्रों का कहना है कि इनका भी इस गिरोह से लिंक सामने आया है।

गड़बड़ी: शीट में आंसर ठीक करके दोबारा स्कैन करते थे
किसी भी परीक्षा के बाद एचपीएससी में अभ्यर्थियों की आने वाली आंसर शीट को स्कैन किया जाता है। पूरी स्कैनिंग कमेटी कराती है। इसके बाद पूरा मामला डिप्टी सेक्रेटरी के पास होता है। यहीं पर पूरा खेल होता था। नागर और अश्विनी दोनों मिलकर जिन लोगों से बातचीत हो चुकी होती थी, उन अभ्यर्थियों की आंसर शीट में आंसर ठीक करके उन्हें दोबारा स्कैन करते थे।

फैसला: कमीशन ने आज और कल के पेपर स्थगित किए
हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन ने भी 21 व 22 नवंबर को चार प्रकार की भर्तियों को रोक दिया है। इसमें एचएसआईआईडीसी, चीफ इंजीनियर पंचायतराज आदि में भर्तियों को लेकर ओएमआर बेस्ड पेपर होना था, जिसे फिलहाल स्थगित कर दिया है।

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