Head coach Abhishek Ahlawat in America will be a badminton player in the city of Rehtak | अमेरिका में हेड काेच अभिषेक अहलावत राेहतक शहर में तराशेगा बैडमिंटन खिलाड़ी

Haryana
0 0
Read Time:4 Minute, 44 Second


रोहतक3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
राेहतक.एमडीयू में बैडमिंटन काेच अभिषेक अहलावत खिलाड़ियाें काे ट्रेनिंग देते हुए। - Dainik Bhaskar

राेहतक.एमडीयू में बैडमिंटन काेच अभिषेक अहलावत खिलाड़ियाें काे ट्रेनिंग देते हुए।

  • प्रतिभा }प्रतिभाशाली और जरूरतमंद खिलाड़ियाें काे देंगे फ्री कोचिंग अंतर्राष्ट्रीय कोच, 6 कोर्ट की एकेडमी के लिए शहर में तलाशी जगह

लंबे संघर्ष, जिद और जुनून की बदौलत बैडमिंटन डबल्स में अमेरिका के नंबर-1 रैंकिंग प्लेयर का खिताब हासिल करने वाले अभिषेक अहलावत अपने पैतृक शहर रोहतक में 6 कोर्ट की अकेडमी खोलेंगे। जमीन देख ली है। जुलाई 2022 में निर्माण शुरू होगा। एक जनवरी 2023 से यहां पर प्रतिभाशाली और जरूरतमंद बच्चों को फ्री कोचिंग के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तराशा जाएगा।

यह सब वे अपनी दिवंगत मां मालती अहलावत की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए करेंगे। जिनकी लंबी बीमारी के दौरान 7 समंदर पार रहते हुए चाहकर भी वे अंतिम मुलाकात नहीं कर सके। फिलहाल अभिषेक यूएसए के टेक्सस राज्य में 30 कोर्ट की बैडमिंटन एकेडमी में हेड कोच हैं। हालांकि कामयाबी का सफर इतना आसान नहीं था। क्योंकि वर्ष 2007 दिवाली के दिन चेन्नई में नेशनल विवि प्रतिस्पर्धा के सेमीफाइनल मैच के दौरान कोट पर ही फिसलकर गिरने से उनका बांया पैर जख्मी हो गया। डॉक्टरों के मुताबिक बैडमिंटन कोर्ट पर उतरना तो दूर बिस्तर से उठ पाना भी मुश्किल था। इसके बावजूद 4 ऑपरेशन, 3 वर्ष तक बेड पर गुजारते समय भी हिम्मत नहीं हारी और दोबारा से बैडमिंटन में ऊंचाई हासिल की।

हरियाणा से वे पहले पुरुष खिलाड़ी हैं, जिनको बैडमिंटन का मक्का कहे जाने वाले ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप में भागीदारी का मौका मिला। इसके बाद वर्ष 2014 में बेहतर कैरियर की तलाश में बार्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन में सीनियर ऑडिटर की नौकरी छोड़कर अमेरिका की उड़ान भरी। जहां 6 महीने का वक्त गुरुद्वारे में भी गुजारने पड़े, लेकिन हिम्मत नही हारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन कोच तक का मुकाम हासिल किया।

पिता धर्म सिंह बने पहले गुरु

राष्ट्रपति अवॉर्डी आर्ट टीचर पिता धर्म सिंह अहलावत को प्रथम गुरु बताने वाले अभिषेक की प्रतिभा को तराशने का काम बैडमिंटन कोच विजय कुमार ने किया। जिन्होंने नालंदा स्कूल में 5वीं कक्षा के विद्यार्थी अभिषेक के हुनर की पहचान की और फ्री कोचिंग देते हुए बैडमिंटन के सारे दांव-पेंच सिखाकर खेल के महासमर में उतार दिया। अंडर-10 कटेगरी में राेहतक काे पहला राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार दिलवाने का गाैरव अभिषेक के ही नाम है।

बच्चों के लिए यूएसए व इंडिया का साझा प्लेटफार्म

अमेरिका से 7 साल बाद रोहतक लौटे अभिषेक अहलावत ने पिता व गुरु विजय कुमार के साथ विचार-विमर्श के बाद शहर में बैडमिंटन एकेडमी खोलने का फैसला किया है। अभिषेक अहलावत ने बताया कि टारगेट अमेरिका और भारत के सहयोग से ऐसा प्लेटफार्म तैयार करने का है। जहां पर रोहतक हरियाणा के खिलाड़ियों को अमेरिका में आयोजित होने वाली बैडमिंटन प्रतिस्पर्धाओं में खेलने का मौका मिले। ऐसा होने से उनके खेल में विविधता आएगी जो कि बदलते परिवेश में हर खिलाड़ी की सफलता का हथियार साबित होगा।

खबरें और भी हैं…



Source link

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *