Toll companies will claim from NHAI, meet the loss of crores or increase the agreement | टोल कंपनियां एनएचएआई से करेंगी क्लेम, करोड़ों का नुकसान पूरा करे या समझौता बढ़ाए

Haryana
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पानीपत8 मिनट पहले

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  • सुभाष राय
  • किसान आंदोलन से पानीपत के दोनों टोल कंपनियों को अब तक 148 करोड़ के नुकसान का अनुमान, हाईवे से किसानों के उठते ही टोल कंपनियां वसूली शुरू करेगी
  • जीटी रोड टोल से प्रतिदिन 25-30 लाख और डाहर टोल से 20 लाख रुपए का हो रहा नुकसान

तीनों कृषि कानूनों की वापसी की पीएम की घोषणा के बाद इस माह के अंत तक किसान आंदोलन भी खत्म होने की संभावना जताई जा रही है। हाईवे से किसानों के उठते ही टोल कंपनियों की वसूली भी शुरू हो जाएगी। रही बाद टोल कंपनियों की तो जीटी रोड टोल प्लाजा और राेहतक बाईपास डाहर टोल प्लाजा को कुल 148 करोड़ से अधिक का नुकसान बताया जा रहा है।

जीटी रोड टोल प्लाजा प्रबंधन जहां 25 से 30 लाख रोजाना कमाई करने का दावा कर रही है, वहीं डाहर टोल प्लाजा को रोजाना 20 लाख रुपए नुकसान का अनुमान है। दोनों हाईवे निर्माण में कुल 1228.50 करोड़ (807 करोड़ में राेहतक हाइवे और 421.50 करोड़ में जीटी रोड फ्लाईओवर कॉरिडोर) रुपए खर्च किए थे।

वहीं जीटी रोड टोल से कंपनी 669 करोड़ रुपए अब तक कमा चुकी है। ये आज तक डेटा है। दोनों को रोजाना कुल 45 लाख रुपए का नुकसान हो रहा है। जीटी रोड फ्लाईओवर कॉरिडोर बनाने वाली कंपनी एलएंडटी के अधिकारी कहते हैं कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से कंपनी क्लेम करेगी। या तो नुकसान की भरपाई करे या समझौते को आगे बढ़ाए। चूंकि, एनएचएआई इतनी भारी राशि देने से रही, इसलिए टोल वसूली का समझौता उतने दिन आगे बढ़ाया जाएगा, जितने दिन टोल फ्री रहेंगे।

11 महीने से बंद हैं दोनों टोल प्लाजा

किसानों के आंदोलन की शुरुआत 25 दिसंबर 2020 से ही दोनों टोल बंद पड़े हैं। अब जब पीएम ने कृषि कानून वापस ले लिए हैं तो उम्मीद की जा रही है कि 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के दो-तीन दिनों में ही सारी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद अगर किसान सड़क खाली करते हैं तो 1 दिसंबर से टोल शुरू हो सकते हैं।

ऐसे समझें… टोल का इतना नुकसान हो रहा

जीटी राेड टोल प्लाजा कंपनी ने आरटीआई में जो जानकारी दी थी, उसके मुताबिक 2018 में रोजाना का कलेक्शन 24.84 लाख रुपए का था। अब हर रोज 25 लाख मानें तो 11 माह में 82.50 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। इसी तरह से डाहर टोल ने रोज का कलेक्शन 20 लाख बताया था। अब वहां पर लोकल पास भी खत्म कर दिया है। रोज 20 लाख ही जोड़ें तो 11 माह में 66 करोड़ रुपए बनता है।

एक को 2026 तक तो दूसरी को 2036 तक वसूलना है टोल

जुलाई 2008 से एलएंडटी जीटी रोड टोल प्लाजा पर टोल ले रही है। समझौतों के तहत उसे 22 जनवरी 2026 तक टोल वसूलना है। इसी तरह 2011 से डाहर पर टोल चल रहा है। उसे 2036 तक टोल लेना है।

समझौते आगे बढ़ने के आसार

कंपनी रोजाना 25-30 लाख रुपए के नुकसान में है। इसके लिए एनएचएआई से क्लेम करेंगे। या तो एनएचएआई घाटे की भरपाई करे या टोल कलेक्शन का समय बढ़ाए। -योगेश शुक्ला, मैनेजर एलएंडटी, जीटी रोड टोल प्लाजा

​​​​​​​दोनों टोल के बारे में

जीटी रोड टोल प्लाजा, एनएच44

  • कॉरिडोर की लंबाई : 10 किलोमीटर
  • लागत : 421.50 करोड़
  • अभी टोल वसूली 31 जनवरी 2026 तक

डाहर टोल प्लाजा, एनएच71ए

  • सड़क की लंबाई 39.33 किलोमीटर
  • लागत 807 करोड़
  • अभी टोल वसूली 17 अप्रैल 2036 तक

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