Center will release 5 million barrels of crude from strategic oil reserves to stop petrol-diesel prices, America is also releasing | केंद्र पेट्रोल-डीजल की कीमतें थामने रणनीतिक तेल भंडार से 50 लाख बैरल क्रूड जारी करेगा, अमेरिका भी जारी कर रहा

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नई दिल्ली31 मिनट पहले

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भारत ने बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ मिलकर आपातकालीन तेल भंडार से निकासी का मन बनाया है। -फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

भारत ने बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ मिलकर आपातकालीन तेल भंडार से निकासी का मन बनाया है। -फाइल फोटो

सरकार कच्चे तेल की कीमतों में कमी लाने के लिए अपने रणनीतिक तेल भंडार से 50 लाख बैरल तेल की निकासी की योजना बना रही है। भारत ने कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में जारी तेजी के बीच अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ मिलकर अपने आपातकालीन तेल भंडार से निकासी का मन बनाया है। अमेरिका पांच कराेड़ बैरल तेल जारी कर रहा है। इसके अलावा जापान और कुछ अन्य देश भी अपने आपातकालीन भंडार से तेल बाजार में उतार रहे हैं।

भारत के पश्चिमी एवं पूर्वी दोनों तटों पर रणनीतिक तेल भंडार स्थित हैं। इनकी कुल भंडारण क्षमता करीब 3.8 करोड़ बैरल है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि रणनीतिक भंडार से निकाले जाने वाले इस कच्चे तेल को मंगलोर रिफाइनरी और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को बेचा जाएगा। ये दोनों सरकारी तेल शोधन इकाइयां रणनीतिक तेल भंडार से पाइपलाइन के जरिये जुड़ी हुई हैं।

इस अधिकारी ने कहा कि इस बारे में औपचारिक घोषणा जल्द ही की जाएगी। उन्होंने कहा कि 7-10 दिनों में तेल निकासी की यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। केंद्र सरकार ने दिवाली से एक दिन पहले पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में राहत दी थी। इसके बाद अधिकांश राज्यों ने भी पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट में कटौती की थी। लेकिन अब भी देश में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए प्रति लीटर और डीजल की 90 रुपए प्रति लीटर के आसपास है।

दुनियाभर में कीमताें में कमी आने की संभावना
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के 29 सदस्य देशों के पास रणनीतिक तेल भंडार है। इनमें अमेरिका ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। ये देश 90 दिन के विशुद्ध तेल आयात के बराबर आपातकालीन भंडार रख सकते हैं। चीन और अमेरिका के बाद जापान के पास सबसे बड़ा भंडार है। अगर ये देश अपने भंडार को रिलीज करते हैं तो इससे पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटेंगी। अक्टूबर के अंत में कच्चे तेल की कीमत 85 डॉलर के पार पहुंच गई थी जो 2014 के बाद सबसे अधिक थी। अभी यह 80 डॉलर के आसपास है।

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